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Yaad e Ahmed Bhulana Nahi Chahiye Naat Lyrics in Hindi | Owais Raza Qadri

Yaad e Ahmed Bhulana Nahin Chahiye Naat Lyrics in Hindi यादे अहमद भुलाना नहीं चाहिए इस से दामन बचाना नहीं चाहिए। ये सिखाया है प्यारे नबी ने हमें दिल किसी का दुखाना नहीं चाहिए। जो बशर अपने जैसा नबी को कहे उसके घर आना जाना नहीं चाहिए। मां के कदमों के नीचे है खुल्दे बरीं मां की अज़मत भुलाना नहीं चाहिए। जो हैं दीवाने प्यारे नबी के समर उनसे आंखे मिलना नहीं चाहिए। शायर: समर नातख्वां: ओवैस रज़ा कादरी

Dang Hain Sab Dekh Kar Adha Idhar Adha Udhar Naat Lyrics in Hindi | Javed Siddiqui

Dang Hain Sab Dekh Kar Adha Idhar Adha Udhar Naat Lyrics in Hindi दंग हैं सब देख कर आधा इधर आधा उधर हो गया पल में कमर आधा इधर आधा उधर चाँद ही क्या आसमां को भी गर कहते हुज़ूर वो भी गिरता टूट कर आधा इधर आधा उधर आला हज़रात के गुलामों से उलझना छोड़ दो फ़ेंक देंगे काट कर आधा इधर आधा उधर जब रज़ा की उठ गयी तलवार तो फिर क्या हुआ हो गया नजदी का सर आधा इधर आधा उधर इक तरफ मक्के की सरहद , इक तरफ शेहरे नबी काश होता मेरा घर आधा इधर आधा उधर दुश्मनाने मुस्तफा को देख लेना पुल सिरात डाल देंगे काट कर आधा इधर आधा उधर शायर: जावेद सिद्दीकी नातख्वां: जावेद सिद्दीकी

Dekar Khuda Ko Jaan Ki Kimat Khareed Li Lyrics in Hindi | Asad Iqbal

Dekar Khuda Ko Jaan Ki Kimat Khareed Li Lyrics in Hindi देकर ख़ुदा को जान की क़ीमत खरीद ली, हर आशिके रसूल ने जन्नत ख़रीद ली। जिस ने नबी की याद को दिल में बसा लिया,  समझौ की उसने खुल्द की राहत ख़रीद ली। आका ने अपनी ज़िंदगी गुरबत में काट कर,  दुनिया के हर गरीब की गुरबत ख़रीद ली।  असगर के हम तबस्सुमे मासूम पर निसार,  जिसने यज़ीदियों की हुकूमत ख़रीद ली।  सौ बार उस दीवान ए सरकार को सलाम,  जिससे जुबेदा बीबी ने जन्नत खरीद ली।  अल्लाह ने मुस्तफा की रज़ा के लिए असद,  बाज़ारे मुस्तफ़ाई से उम्मत ख़रीद ली। शायर: असद इक़बाल नातख्वां: असद इक़बाल

Ye Zindagi Ka Ilahi Nizam Ho Jaye Naat Lyrics in Hindi | Mushahid Raza Wahidi

Ye Zindagi Ka Ilahi Nizam Ho Jaye Lyrics Naat in Hindi ये ज़िन्दगी का इलाही निज़ाम हो जाए सह़र हो मक्के में तैयबा में शाम हो जाए। हूं दूर, दर से ही मेरा काम हो जाए अदब से सर को झुका लूं सलाम हो जाए। इस इल्तिफ़ात के क़ाबिल ग़ुलाम हो जाए जहां क़याम है उनका, क़याम हो जाए। नज़र उठे तो नज़र आएं आपके जल्वे मेरे सुकून का ये एहतमाम हो जाए। शरफ़ नसीब हो हर एक शब हुज़ूरी का हुज़ूर ﷺ ख़ास करम मुझपे आ़म हो जाए। जो इल्तिफ़ात हो गर रहमत-ए-मुजस्सम ﷺ का न जाने क्या ख़लिश-ए-ना-तमाम हो जाए। अगर बुला के दिखा दें जमाल भी अपना तमाम हिज्र का क़िस्सा तमाम हो जाए। अगर वो दामन-ए-रहमत इन्हें मयस्सर हो इन आंसुओं का मुरत्तब निज़ाम हो जाए। बग़ैर इश्क़-ए-मोहम्मदﷺ ये ज़िंदगी क्या है ख़ुदा गवाह इबादत हराम हो जाए। मिले जो मेहर-ए-रिसालत ﷺ के हुस्न का सदक़ा ह़क़ीर ज़र्रा भी माह-ए-तमाम हो जाए। हुज़ूर ﷺ आप हैं वह नुक्त़ा-ए-उ़रूज-ए-कमाल नबूवतों का जहां इख़्तिताम हो जाए। वोह सर झुकाएगा उतना ही उनकी चौखट पर बुलंद जिसका जहां तक मक़ाम हो जाए। मेरी नज़र में वसीलों की क़द्र-ओ-क़ीमत है किसी का नाम भी हो मेरा काम हो जाए। जो आंख बख...

Hussain Jaisa Shaheed e Azam Jahan Mein Koi Hua Nahin Hai Manqabat Lyrics in Hindi | Habibullah Faizi

Hussain Jaisa Shaheed e Azam Jahan Mein Koi Hua Nahin Hai Manqabat Lyrics in Hindi ह़ुसैन जैसा शहीदे आज़म जहां में कोई हुआ नहीं है छुरी के नीचे गला है लेकिन किसी से कोई गिला नहीं है ह़ुसैन जैसा शहीदे आज़म जहां में कोई हुआ नहीं है अदू थे जब सर पे तेग़ तोले ह़ुसैन सजदे में जाके बोले मदीने वालों गवाह रहना नमाज़ मेरी क़ज़ा नहीं है ह़ुसैन जैसा शहीदे आज़म जहां में कोई हुआ नहीं है हुसैन फरमाए साथियों से अदा करो पुर-जलाल सजदे है तेग़ो खंजर, तबर का साया कहां हमारा ख़ुदा नहीं है ह़ुसैन जैसा शहीद ए आज़म जहां में कोई हुआ नहीं है पुकारे अब्बास ऐ सकीना मैं पानी लाऊंगा ऐ सकीना कटे हैं बाज़ू छिदा है सीना अभी मेरा सर कटा नहीं है ह़ुसैन जैसा शहीदे आज़म जहां में कोई हुआ नहीं है ग़रीब उम्मत की बेकसी पर ह़ुसैन का सर कटा है लेकिन यज़ीद जैसे शक़ी के आगे ह़ुसैन का सर झुका नहीं है ह़ुसैन जैसा शहीद ए आज़म जहां में कोई हुआ नहीं है यज़ीद दुनिया में लाख आए और सितम बन-बन के जुल्म ढाए चराग़े तौहीद फिर भी सादिक़ जला है लेकिन बुझा नहीं है ह़ुसैन जैसा शहीदे आज़म जहां में कोई हुआ नहीं है छुरी के नीचे गला है लेकिन किसी स...

Kitne Khushbakht Gham Ke Maare Hain Naat Lyrics in Hindi | Abdul Rauf Roofi

Kitne Khushbakht Gham Ke Maare Hain Naat Lyrics in Hindi कितने ख़ुश-बख़्त ग़म के मारे हैं जो किसी के नहीं तुम्हारे हैं। उस तवक़्क़ो की आबरू रखना जिस तवक़्क़ो पे दिन गुज़ारे हैं। नाज़ रब को तुम्हारी ख़िलक़त पर हमको येह नाज़ हम तुम्हारे हैं। जो ग़मए इश्क़ मुस्तफ़ा में बहें वो तो आंसू नहीं सितारे हैं। तुम निगेहबान हो बिह़म्दिल्लाह जितने तूफ़ां हैं सब किनारे हैं। आसियों का नसीब क्या कहना! ये हबीबे ख़ुदा को प्यारे हैं। सारे जलवे रसूल के “ख़ालिद” हुस्न-ए-मुतलक़ के इस्तिआरे हैं। शायर: खालिद मेहमूद खालिद नातख्वां: अब्दुल रऊफ रूफी

Meri Jholi Mein Ashkon Ki Saugat Hai Naat Lyrics in Hindi | Khalid Mehmood Khalid

Meri Jholi Mein Ashkon Ki Saugat Hai Naat Lyrics in Hindi | Khalid Mehmood Khalid बे अ़मल हूं, मेरे पास कूछ भी नहीं मेरी झोली में अश्कों की सौग़ात है, ग़फ़लतों में कटी है मेरी ज़िन्दगी आबरू लाजवाले तेरे हाथ है। इश्क़ की बे-कली मेरा ईमान है और इश्क़ ए नबी का ये एहसान है, धुल रहे हैं सितारे मेरी आंख से मेरी हर रात तारों भरी रात है। सामने अब तो सूरत है सरकार की गिर गई फासलों की जो दीवार थी, मेरा रब्त ए तसव्वुर सलामत रहे रोज़ खिलवत में उन से मुलाक़ात है। निस्बत ए मुस्तफा का बयां क्या करूं मिल रहा मुझे ज़िन्दगी का सुकूं,  रहमतों की ज़मानत है सोज़ ए दरूं हर तमन्ना पे रहमत की बरसात है। हो रहा है नुमायां करम आपका क्या हूं मैं, सिर्फ तस्वीर ए तौफ़ीक हूं, आपके ज़िक्र ने मुझको चमका दिया वर्ना मैं क्या हूं, क्या मेरी औकात है! ज़िक्र उनका है लारैब ज़िक्र ए ख़ुदा मुस्तुफ़ा की अ़ता है अ़ता ए ख़ुदा, उनकी तारीफ में जो कहूं हम्द है नात में एक लुत्फ़ ए मुनाजात है। अपने दामन में हम को छुपाएंगे वोह हश्र की हर सज़ा से बचाएंगे वोह, हम बुरों को गले से लगाएंगे वोह मुस्तफा की शफाअत की क्या बात है। दो जहां क...