Meri Jholi Mein Ashkon Ki Saugat Hai Naat Lyrics in Hindi | Khalid Mehmood Khalid बे अ़मल हूं, मेरे पास कूछ भी नहीं मेरी झोली में अश्कों की सौग़ात है, ग़फ़लतों में कटी है मेरी ज़िन्दगी आबरू लाजवाले तेरे हाथ है। इश्क़ की बे-कली मेरा ईमान है और इश्क़ ए नबी का ये एहसान है, धुल रहे हैं सितारे मेरी आंख से मेरी हर रात तारों भरी रात है। सामने अब तो सूरत है सरकार की गिर गई फासलों की जो दीवार थी, मेरा रब्त ए तसव्वुर सलामत रहे रोज़ खिलवत में उन से मुलाक़ात है। निस्बत ए मुस्तफा का बयां क्या करूं मिल रहा मुझे ज़िन्दगी का सुकूं, रहमतों की ज़मानत है सोज़ ए दरूं हर तमन्ना पे रहमत की बरसात है। हो रहा है नुमायां करम आपका क्या हूं मैं, सिर्फ तस्वीर ए तौफ़ीक हूं, आपके ज़िक्र ने मुझको चमका दिया वर्ना मैं क्या हूं, क्या मेरी औकात है! ज़िक्र उनका है लारैब ज़िक्र ए ख़ुदा मुस्तुफ़ा की अ़ता है अ़ता ए ख़ुदा, उनकी तारीफ में जो कहूं हम्द है नात में एक लुत्फ़ ए मुनाजात है। अपने दामन में हम को छुपाएंगे वोह हश्र की हर सज़ा से बचाएंगे वोह, हम बुरों को गले से लगाएंगे वोह मुस्तफा की शफाअत की क्या बात है। दो जहां क...