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Kitne Khushbakht Gham Ke Maare Hain Naat Lyrics in Hindi | Abdul Rauf Roofi

Kitne Khushbakht Gham Ke Maare Hain Naat Lyrics in Hindi


कितने ख़ुश-बख़्त ग़म के मारे हैं
जो किसी के नहीं तुम्हारे हैं।

उस तवक़्क़ो की आबरू रखना
जिस तवक़्क़ो पे दिन गुज़ारे हैं।

नाज़ रब को तुम्हारी ख़िलक़त पर
हमको येह नाज़ हम तुम्हारे हैं।

जो ग़मए इश्क़ मुस्तफ़ा में बहें
वो तो आंसू नहीं सितारे हैं।

तुम निगेहबान हो बिह़म्दिल्लाह
जितने तूफ़ां हैं सब किनारे हैं।

आसियों का नसीब क्या कहना!
ये हबीबे ख़ुदा को प्यारे हैं।

सारे जलवे रसूल के “ख़ालिद”
हुस्न-ए-मुतलक़ के इस्तिआरे हैं।

शायर: खालिद मेहमूद खालिद
नातख्वां: अब्दुल रऊफ रूफी
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