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Sarkar Ke Jaisa Naat Lyrics in Hindi | Sayed Abdul Wasi

Sarkar Ke Jaisa Naat Lyrics in Hindi



कौनैन में उस मोनिस ओ गमख्वार के जैसा
सरकार के जैसा मेरे सरकार के जैसा।
है कौन भला अहमद ए मुखतार के जैसा
सरकार के जैसा मेरे सरकार के जैसा

किया इस मैं अजब कह दिया सिदरा के मकी ने
जिब्रील अमीन ने
देखा ना कोई सय्यदे अबरार के जैसा
सरकार के जैसा मेरे सरकार के जैसा

सिद्दीक हों फारूक हों उस्मान ए गनी हों या मौला अली हों
है यार कहां दुनिया में इन चार के जैसा
सरकार के जैसा मेरे सरकार के जैसा

वो मौला अली शीरे खुदा फातेह ए खैबर दमाद ए पय्यंबर
लाए तो कोई हैदर ए कर्रार के जैसा
सरकार के जैसा मेरे सरकार के जैसा

ऐ चांद तेरा हुस्न ओ जमाल अपनी जगह है बिलाल अपनी जगह है
आया न कोई इनके खरीदार के जैसा
सरकार के जैसा मेरे सरकार के जैसा

ऐ बाब ए इरम तेरी बहारों में नहीं है
हज़ारों में नहीं है
तैयबा के हसीन उन गुलो गुलज़ार के जैसा
सरकार के जैसा मेरे सरकार के जैसा।

महबूब ए खुदा नबियों के सरदार के जैसा सरकार के जैसा
है कौन भला अहमद ए मुक़तार के जैसा
सरकार के जैसा मेरे सरकार के जैसा

पलता है सदा आप के टुकड़े पे ज़माना हसनैन के नाना, गुलज़ार के नाना
दरबार कहां आपके दरबार के जैसा सरकार के जैसा
सरकार के जैसा मेरे सरकार के जैसा

ऐ सइलों दामाने नियाज़ी ज़रा धरलो
और झोलियां भर लो
झड़ ता है यहां फूल चमन ज़ार के जैसा सरकार के जैसा

गुलजार कहीं ऐसा हसीन हो तो बताओ कहीं हो तो दिखाओ
कौनैन में उस पैकरो अनवार के जैसा सरकार के जैसा

आल ए अली की शान बड़ी जात बड़ी है हां बात बड़ी है
देखा न कहीन सैयद ए गुलज़ार के जैसा सरकार के जैसा

शायर: सैयद गुलज़ार मियां
नातख्वां: सैयद अब्दुल वसी साहब
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