Yaad e Ahmed Bhulana Nahin Chahiye Naat Lyrics in Hindi
यादे अहमद भुलाना नहीं चाहिए
इस से दामन बचाना नहीं चाहिए।
ये सिखाया है प्यारे नबी ने हमें
दिल किसी का दुखाना नहीं चाहिए।
जो बशर अपने जैसा नबी को कहे
उसके घर आना जाना नहीं चाहिए।
मां के कदमों के नीचे है खुल्दे बरीं
मां की अज़मत भुलाना नहीं चाहिए।
जो हैं दीवाने प्यारे नबी के समर
उनसे आंखे मिलना नहीं चाहिए।
शायर: समर
नातख्वां: ओवैस रज़ा कादरी



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